गुड़हल के फूलों का तेल कैसे बनता है। और उसके क्या फायदे है

गुड़हल के फूलों (gudhal ke phool) का इस्तेमाल आमतौर पर घरों में पूजा के लिए किया जाता है। इसके अलावा परफ्यूम, इत्र या सौन्दर्य उत्पादों में भी गुड़हल के फूलों के रस का प्रमुखता से इस्तेमाल किया जाता है। गुड़हल के फूलों से तैयार तेल शरीर के कई रोगों को ठीक करने में सक्षम है। हम यहां आपको गुड़हल के फुल का तेल बनाने की विधि और गुड़हल के फायदों (gudhal ke fayde) के बारे में बता रहे हैं।

गुड़हल के फूल का तेल बनाने की विधि :

किसी कढ़ाही या पैन में जैतून या नारियल का तेल गर्म करें और उसमें गुड़हल के फूल और पत्तियों को डाल दें। फूलों को डालने के बाद कुछ देर उबालें और फिर आंच बंद कर दें। इसे ठंडा करने के बाद तेल को अलग छानकर निकाल लें और हवा बंद डब्बे में स्टोर करें। यह तेल बालों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है।

गुड़हल के फायदे (gudhal ke fayde) :

गुड़हल का फूल सेहत के लिए कई तरीकों से फायदा पहुंचाता है। बालों और त्वचा के साथ साथ यह याददाश्त बढ़ाने में भी उपयोगी है। आइये गुड़हल के कुछ प्रमुख फायदों के बारे में जानते हैं।

गंजेपन की दवा है गुड़हल का फूल :

अगर आपके बाल ज्यादा झड रहे हैं और आपको गंजेपन का डर है तो गुड़हल के फूल का प्रयोग करें। आचार्य बालकृष्ण के अनुसार गोमूत्र में गुड़हल के फूलों को पीसकर इसे बालों की जड़ों में लगाने से बालों का गिरना रूक जाता है।

याददाश्त बढ़ाता है गुड़हल का फूल :

गुड़हल याददाश्त बढ़ाने और बुद्धि तेज करने में भी लाभदायक है। इसके लिए गुड़हल की पत्तियों और फूलों को धूप में सुखा लें और फिर मिक्सी में पीस कर डिब्बे में रख लें। मेमोरू पॉवर बढ़ाने के लिए रोजाना दूध में एक चम्मच इस पाउडर को मिलाकर पिएं।

What is Kaunch Beej? Kaunch Beej Powder Benefits for Beard

Kaunch beej is generally known as “The enchantment velvet bean”. It is a leguminous plant and is a decent wellspring of protein.

Kaunch beej increments sexual want just as the quality and amount of sperm because of its Spanish fly property. It helps in the administration of apprehensive issue like Parkinson’s sicknesses and controls the side effects of joint pain. The best method for devouring Kaunch beej powder is with milk. It may likewise help diminish the danger of bosom disease.

Outside introduction to the hair of the Kaunch beej case or the seed itself can cause extreme tingling, consuming and rashes

What can I do to grow my beard?” is a frequently asked question by many. If you are one of them kaunch beej will help your dream come true.

Yes, kaunch beej is indeed helpful to grow a beard. Kaunch beej powder benefits for the beard is due to its effect on the pituitary gland to increase the secretion of luteinizing hormone (LH). This, in turn, is seen to trigger the release of the testosterone hormone. Kaunch beej also aids the conversion of testosterone to dihydrotestosterone (DHT) with the help of an enzyme 5-alpha reductase. DHT plays a very important role in the growth of facial hair follicle and rapid beard hair growth.

How your body reacts to DHT also plays an important role in beard growth. Even if you have sufficient DHT but your body is not sensitive to it, you will have less facial hair. L-DOPA in kaunch beej is seen to activate androgen receptors, which increases your body’s uptake of DHT and testosterone. Thus, kaunch beej not only increases the level of testosterone and DHT but also upregulates the receptors to improve their utilization. All this together aids in growing beard.

Wondering how to use kaunch beej churna for beard growth?

  • With honey: Mix ¼-½ teaspoon of kaunch beej churna with honey. It is recommended to consume this after lunch and dinner. If you are a diabetic, use lukewarm water or milk instead of honey.
  • With milk: Take a ¼-½ teaspoon of kaunch beej churna and mix it with 1 cup of milk. Now boil this mixture for 3-5 minutes. Consume this once or twice after meals.

क्या आप लोग जानते हैं अजवाइन के स्वास्थ के लिए क्या लाभ हैं?

अजवाइन को आप सब लोग जाने ही हो गए क्युकी अजवाइन को हम सब ने हमेशा से ही घरों में मसाले के रूप में उपयोग करते हुए देखा है। लेकिन आप नहीं जानते हो गए अजवाइन भी एक आयुर्वेदिक औषधीय जड़ी बूटी है इसलिए आप शायद ही अजवाइन के फायदे, गुण, लाभ और नुकसान की पूरी जानकारी होगी क्‍योंकि भारत में अजवाइन को मुख्य मसाले के रूप में व्‍यापक रूप से उपयोग किया जाता है। अजवाइन के फायदे से विशेषरूप से पाचन या पेट संबंधी परेशानियों को दूर करने के लिए जाने जाते हैं। अजवाइन का इस्‍तेमाल कई प्रकार गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। तो आइये आज जानते है अजवाइन के फायदे के बारे में।

अजवाइन के मुख्य स्‍वास्‍थ्‍य लाभों में पेट के दर्द, अपच, उल्टी, दस्त, साँस लेने में परेशानी और स्पर्म की कमी को दूर करने वाली, वीर्य को बढ़ाने वाली, कफ को दूर करने वाली, गर्भाशय को उत्तेजना देने वाली, बुखार को दूर करने वाली, उल्टी, पेट के रोग, जोड़ो मे दर्द इन सब समस्याओं को दूर करने वाली एक बहुत ही लाभदायक औषधि है।

कब्‍ज मे अजवाइन के फायदे:

पाचन संबंधी बीमारियों को दूर करने के लिए अजवाइन एक असरकार औषधीय है। अजवाइन कब्‍ज की समस्‍या को बहुत अच्छे ढ़ग से इलाज कर सकती है। अजवाइन के औषधीय गुण पेट में होने वाले असंतुलन का ठीक कर मल त्‍याग को आसान बनाने मे सहायक होता है।

और जाने: गिलोय के सेवन से कब्ज का इलाज

अजवाइन के फायदे डायबिटीज में:

रोज प्रातः जल्दी उठने पर अजवाइन का पानी पीने से डायबिटीज के रोगी को फायदा होता है। ऐसा करने से डायबिटीज काफी हद तक नियन्त्रण मे आजाती है।

अजवाइन के फायदे अपच, दस्त और गैस में:

50g.m पीसी हुई अजवाइन में 7.5g.m सेंधा नमक मिलाकर एक चूर्ण तैयार कर ले। इसको आधा-आधा चम्मच दो बार खाने के बाद पानी में मिलकर सेवन करे। इस आप को दस्त, गैस और अपच से आराम मिलेगा।

अजवाइन का उपयोग मासिक धर्म में

यदि आप मासिक धर्म में अधिक दर्द से पेरशान है तो 4 चम्मच कच्ची अजवाइन और 2 चम्मच सेंधा नमक को कर मिलाकर मासिक धर्म के दिनों में आधा-आधा चम्मच तीन बार रोजाना लें।इससे आप को फायदा हो गा परन्तु यदि दर्द बंद हो जाये तो इसे लेना छोड़ दें।

और जाने: गिलोय क्या है? गिलोय के औषदि गुण क्या है?

गिलोय क्या है? गिलोय के औषदि गुण क्या है?

गिलोय को आप जानते ही हो गये। कयोकि गिलोय के बेल भारत सब जगा आसानी मिल जाती है। गिलोय आयु कई वर्षों की होती है।इस को कई नाम से जाना जाता है जैसे की मधुपर्णी, अमृता, तंत्रिका, कुण्डलिनी गुडूची आदि इसी के नाम हैं। गिलोय की बेल प्राय कुण्डलाकार चढ़ती है।गिलोय नीम और आम के वृक्ष के पास में यह उग जाती है। नीम के पेड़ पर चढ़ी गिलोय को औषधीय दृष्टि से सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। इसके बेल की मोटाई छोटी अंगुली से लेकर अंगूठे जितना मोटा हो सकता है। इसके पत्ते पान के जैसे देखते है। इसमें ग्रीष्म ऋतु में छोटे−छोटे पीले रंग के फूल आते हैं। इसके फल मटर के दाने के आकार के होते हैं जो पकने पर लाल हो जाते हैं। औषधि के रूप में इसके बेल और पत्तों का प्रयोग किया जाता है। गिलोय के बेल में स्टार्च के अलावा अनेक जैव सक्रिय पदार्थ पाए जाते हैं। इसमें तीन प्रकार के एल्केलाइड पाए जाते हैं जिनमें बरबेरीन प्रमुख है। इसमें एक कड़वा ग्लूकोसाइड गिलोइन भी पाया जाता है। इसके धनसत्व में जो स्टार्च होता है वह ताजे में 4 प्रतिशत से लेकर सूखे में 1.5 प्रतिशत होता है। जड़, काण्ड तथा पत्तों के अलावा गिलोय का धनसत्व भी प्रयोग किया जाता है।

गिलोय के फायदे:

खांसी के इलाज के लिए गिलोय:

गिलोय के प्रयोग से बहुत पुरानी खांसी का इलाज किया जाता है।दो चम्मच गिलोय का रस नीकल कर हर रोज सुबह लेने से खांसी से राहत मिलती है। यह उपाय तब तक आजमाए जब तक खांसी पूरी तरह ठीक ना हो जाए।

गिलोय के फायदे बुखार करे ठीक:

गिलोय में ज्वर हटाने वाले गुण होते हैं इसलिए गिलोय को बुखार कम करने वाली आयुर्वेदिक दवाइयों में इस्तेमाल किया जाता है| गिलोय का रस शहद के साथ लेने से मलेरिया जैसे बुखार भी दूर हो जाता है|

आजकल के समय मे चिकनगुनिया जैसे वायरल बुखार के ठीक होने के बाद भी मरीज महीनों तक जोड़ों के दर्द होने से परेशान रहता है इस स्थिति में गिलोय की पत्तियों से बना काढ़ा लाभ करता है | इसमें 10-20 मि.ली. अरंडी के तेल को मिलाकर पीने से और भी लाभ मिलता है।

और पढ़े: बुखार मे गोखरू के फायदे

गिलोय का उपयोग बवासीर का इलाज करे:

गिलोय के लाभ पाचन समस्‍या को दूर करने के साथ ही बवासीर का इलाज करने में भी होते हैं। अध्‍ययनों से पता चलता है कि गिलोय में बवासीर का इलाज करने के गुण होते हैं। एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेटरी गुणों से भरपूर गिलोय बवासीर की सूजन और दर्द से भी राहत दिला सकते हैं। इसके लिए गिलोय के रस का नियमित सेवन करना लाभकारी होता है।

गिलोय के फायदे मधुमेह को रोके

मधुमेह भारत जैसे देशों में एक आम समस्‍या बन चुकी है। लेकिन गिलोय के फायदे डायिबिटीज को रोकने में सहायक होते हैं। गिलोय में हाइपोग्‍लाइकेमिक गुण पायें जाते हैं जो रक्‍त शर्करा के स्‍तर को नियंत्रित करने में मदतगाऱ होते है। इसलिए गिलोय को मधुमेह रोगीयों के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है।मधुमेह रोगी अपने रक्‍त शर्करा के स्‍तर को कम करने के लिए गिलोय रास का सेवन करे तो बहुत लाभदायक हैं। यदि आप भी मधुमेह रोगी हैं तो गिलोय के फायदे आपके लिए संजीवनी बुटी हो सकते हैं।

और पढ़े: अकरकरा के अदभुत फायदे क्या है? इसके बारे में यहाँ जाने

What is the Benefits of Aloe Vera Gel for Skincare?

Aloe vera is widely used for its soothing properties. However, the benefits of Aloe vera gel for the face are much more. It is widely used for various skin ailments from cuts to blemishes. With almost 75 active constitutes, Aloe vera is gaining fame for its effectiveness against various skin ailments. Preventing acne is one of the most effective applications of aloe vera gel for skincare. Other ailments where Aloe vera is effective are wounds, digestive problems, mouth ulcers, dental plaque, and burns.

Acne is a common skin condition faced by almost 90% of the world’s population. In this condition, the hair follicles are filled with dirt, bacteria, or dead skin cells. It can be inflammatory or non-inflammatory in nature. There are several causes of acne, and Aloe vera is seen to be effective against all types of mild to moderate acne. Aloe vera tightens the pores, moisturizes the skin, heals blemishes, cleanses the face, and protects it against environmental hazards. It also improves skin elasticity and prevents wrinkles.

Aloe vera benefits for the face are due to its anti-inflammatory, antiseptic, cleansing, and healing properties. Aloe vera gel can be used to prevent acne in pure form or in the form of a mask with other constituents like honey and lemon. Before applying on the face, a patch test on the inside of the wrist is recommended. Moreover, Aloe vera is contraindicated to be used in pregnant females and individuals having an allergy to the plants of the same plant family (Liliaceae).

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What is Mulethi and What are its uses?

Mulethi, commonly known as licorice root, refers to the root of the plant Glycyrrhiza glabra. It is commonly used in Asian and Middle Eastern cooking. It is a delicacy due to its flavor and is used as a flavoring agent in candies and sweets. This root has various health benefits when taken orally or used as a topical application. Some mulethi benefits are as follows:

  • Liver protective: Mulethi is seen to treat various liver disorders like liver damage, hepatitis, and non-alcoholic fatty liver disease. The anti-inflammatory property of mulethi soothes the liver during hepatitis. Mix mulethi with warm tea, and consume it twice a day for purifying the liver.
  • Aids weight reduction: Flavonoids in mulethi aids in the reduction of both visceral and body fats. It also lowers the levels of low-density lipoprotein.
  • Combats respiratory disorders: Mulethi is effective against cough, cold, asthma, and many other respiratory ailments. Antioxidant and anti-inflammatory properties lower inflammation of the bronchial tubes. It also loosens the mucus inside the respiratory tract, easing congestion and coughing. Mulethi is also effective in killing various microbes responsible for respiratory infections.
  • Cures Canker sores: Mulethi heals the mucosa and effectiveness of mulethi for canker sore is because of its anti-inflammatory properties. According to a study, mulethi is also effective against herpes. Chewing mulethi fights the herpes virus and strengthens the immune system of the body.
  • Fights digestive disorders: It combats various digestive problems like acidity, stomach ulcers, and hyperacidity. Mulethi is a mild laxative and aids bowel movements. It also heals inflammation of the lining of the stomach.

Which kind of hibiscus Leaves are Good for hair Growth?

Thinning hair is a common cause of concern for many. If you relate to this, you will be happy to know that there is a natural solution that can restore your hair’s volume and luster. Hibiscus is a wonderful herb used for hair growth. It is seen to stimulate hair growth even from the inactive hair follicles. Leaves and petals of fresh hibiscus flower are good for hair growth.

Hibiscus leaf scientific name is Hibiscus rosa-sinensis and belongs to the family Malvaceae. Hibiscus is seen to strengthen hair roots and lower dandruff and hair loss. Hibiscus is rich in vitamins. Vitamin C in hibiscus increases the collagen level, preventing hair loss. Amino acids boost hair growth and make the hair strand stronger. Use of hibiscus for grey hair, itchy scalp, and smooth hair are amongst some of the other uses for hair. To sum it up, hibiscus leaves uses for hair are as follows:

  • Prevents hair fall and damage
  • Aids in hair maintenance
  • Heals brittle, dry, and lifeless hair

Collect the leaves in a pestle to get its juice. Once this paste is ready, mix it with your regular shampoo. Apply this mixture of hibiscus leaves and shampoo and lather it the way you do it for your regular shampoo. Allow it to stay for 5 minutes before rinsing it off. Alternatively, this paste of leaves can also be mixed with your conditioner.

So, hibiscus leaves are a healthier alternative to hair treatment for hair growth without any side-effects. It results in shiny and healthier hair. Use hibiscus leaves for hair, and see its effects in a few months.

अकरकरा के अदभुत फायदे क्या है? इसके बारे में यहाँ जाने

अकरकरा एक जड़ी-बूटी है जिसका इस्तेमाल दांतों की बीमारियों समेत पुरुषों में होने वाले रोगों के इलाज में खासतौर पर किया जाता है। आयुर्वेद में भी अकरकरा के फायदों (akarkara benefits in hindi) का उल्लेख कई बीमारियों के इलाज में मिलता है।

आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार अकरकरा में कामोत्तेजक गुण पाए जाते हैं और यही कारण है कि इसका इस्तेमाल कामोत्तेजना बढ़ाने वाली औषधियों में खूब किया जाता है। हालांकि अभी भी अधिकांश लोग अकरकरा के फायदों से अंजान हैं। इस लेख में हम आपको अकरकरा के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

अकरकरा के फायदे (Akarkara benefits in hindi)

कुछ शोधों में यह पाया गया कि अकरकरा में एंटीवायरल गुण होते हैं जिसकी वजह से बुखार और जुकाम में भी फायदेमंद होता है। इसी तरह अपने गुणों की वजह से इसका इस्तेमाल आयुर्वेदिक और यूनानी चिकित्सा पद्धति में बहुत होता है। आइये अकरकरा के फायदों पर एक नज़र डालते हैं।

कंठ के स्वर को मधुर बनाने में करे मदद अकरकरा :

गला खराब होना या गला साफ़ न होना दैनिक जीवन से जुड़ी आम समस्याएं हैं। इनसे निजात दिलाने में अकरकरा बहुत प्रभावी है। विशेषज्ञों के अनुसार अकरकरा के फूल को कुछ देर मुंह में रखकर चूसने से गले से जुड़ी अधिकांश समस्याएं ठीक हो जाती है। यहां तक कि इसके सेवन से आपकी आवाज भी सुरीली या मशुर हो सकती है।

हिचकी से आराम दिलाता है अकरकरा :

अगर आप बार बार आने वाली हिचकी से परेशान हैं और घरेलू उपायों से आपकी हिचकी रूक नहीं रही है तो एक बार अकरकरा का इस्तेमाल ज़रूर करें। शहद के साथ थोडा सा अकरकरा चूर्ण खाने से हिचकी बहुत जल्दी रुक जाती है।

सांस संबंधी समस्याओं से आराम दिलाता है अकरकरा :

दिन प्रतिदिन बढ़ते प्रदूषण की वजह से साँसों से जुड़ी बीमारियाँ बढ़ती ही जा रही है। हालिया आंकड़ों के अनुसार अपने देश में फेफड़े के कैंसर और अस्थमा के रोगियों की संख्या का ग्राफ काफी तेजी से बढ़ रहा है।

आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार अकरकरा के इस्तेमाल से सांस संबंधी समस्याओं के इलाज में मदद मिलती है।

और पढ़े: सांस रोगों मे मूली के फायदे

यौन इच्छा बढ़ाने में कारगर :

जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया कि अकरकरा में कामोत्तेजक गुण होते हैं अर्थात यह सेक्स की इच्छा बढ़ाने में भी बहुत उपयोगी है। अगर सेक्स में आपकी रूचि घट रही है तो आपको भी किसी चिकित्सक से परामर्श लेकर अकरकरा का सेवन करना चाहिए।

शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाता है अकरकरा :

अकरकरा के फायदों की लिस्ट काफी लम्बी है। इसी कड़ी में अगर अगले फायदे की बात की जाए तो अकरकरा के सेवन से शुक्राणुओं की संख्या में बढ़ोतरी होती है। इसका मतलब यह है कि अगर आपका स्पर्म काउंट काफी कम है तो आपको अकरकरा के सेवन से काफी लाभ मिल सकता है और इससे आपकी प्रजनन क्षमता में भी सुधार हो सकता है। हालांकि बिना चिकित्सक की राय लिए कभी भी अकरकरा का सेवन ना करें।

और पढ़े: शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने मे काली मूसली के फायदे

सर्दीजुकाम में लाभकारी है अकरकरा :

मौसम में बदलाव हुआ नहीं कि कई लोग तुरंत जुकाम और फ्लू की चपेट में आ जाते हैं। दरअसल ऐसा उनकी कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता के कारण होता है। जिन लोगों की इम्युनिटी पॉवर कमजोर होती है वो बहुत जल्दी सर्दी-जुकाम से पीड़ित हो जाते हैं। अगर आप भी उन्हीं लोगों में एक हैं तो अकरकरा आपके लिए एक औषधि के समान है। अकरकरा में मौजूद एंटीवायरल गुण बुखार को बढ़ने से रोकते हैं और सर्दी-जुकाम से जल्दी आराम दिलाते हैं। सर्दी होने पर अकरकरा को काली मिर्च के साथ लेना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।

और पढ़े: सर्दी-जुकाम में अजवाइन के फायदे

जाहिर है अब आप अकरकरा के फायदों से परिचित हो चुके हैं। इसलिए चिकित्सक द्वारा बताई गई खुराक के अनुसार अकरकरा का सेवन करें और स्वस्थ रहें।

मुलेठी पाउडर के फायदे त्वचा के लिए – Licorice Powder Benefits

कुछ जड़ी-बूटियाँ ऐसी होती हैं जिनके फायदों को देखते हुए उन्हें सुपर फ़ूड की श्रेणी में रखा जा सकता है। मुलेठी भी ऐसी ही एक जड़ी-बूटी है जो न सिर्फ गले और मुंह के रोगों को ठीक करती है बल्कि त्वचा एवं आंखों के लिए भी उतनी ही गुणकारी है। आयुर्वेदिक ग्रंथों में मुलेठी के फायदों के बारे में विस्तार से लिखा गया है। इस लेख में हम आपको त्वचा के लिए मुलेठी के फायदे और सेवन के तरीकों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

मुलेठी क्या है (What is Mulethi) :

मुलेठी एक पौधा है जिसके तने का उपयोग जड़ी-बूटी के रूप में किया जाता है। मुलेठी के तने को छाल सहित सुखाकर इसका उपयोग गले की खराश दूर करने एवं दांतों को स्वस्थ रखने के लिए किया जाता है। मुलेठी के सूखे हुए तने का स्वाद भी मीठा होता है और वर्तमान सम्स्य में कई टूथपेस्ट में मुलेठी का इस्तेमाल धडल्ले से किया जा रहा है।

मुलेठी के फायदे :

गले की खराश दूर करने में मुलेठी के फायदे तो सबको पता हैं लेकिन यह आपकी त्वचा को सुन्दर बनाने में कितनी मददगार है इसकी जानकारी शायद आपको नहीं है। इसके एंटी बैक्टीरियल गुण कई तरह के संक्रमण से बचाव करते हैं। आइये मुलेठी के प्रमुख फायदों पर एक नज़र डालते हैं।

त्वचा की चमक बढ़ाने में उपयोगी है मुलेठी :

आजकल महिलाएं अपनी त्वचा को खुबसूरत बनाने के लियेरोजना नए नए तरीके आजमाती हैं। हालांकि अब आपको अपनी त्वचा कीरंगत में सुधार लाने के लिए बार-बार पार्लर जाने की ज़रुरत नहीं है क्योंकि मुलेठी चूर्ण की मदद से आप आसानी से त्वचा का कायाकल्प कर सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि मुलेठी में पाए जाने वाले खनिज पदार्थ एवं मिनरल त्वचा को गोरा बनाने में मदद करते हैं। हालांकि त्वचा की रंगत में सुधार के लिए मुलेठी का इस्तेमाल करने से पहले किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से संपर्क करें।

और पढ़े: त्वचा की चमक के लिए एलोवेरा के फायदे

त्वचा की नमी बरकरार रखती है मुलेठी :

गर्मी के दिनों में तेज लू चलने से त्वचा की नमी खत्म हो जाती है और इसी वजह से आपकी त्वचा बिल्कुल बेजान नज़र आती है। त्वचा में नई जान डालने के लिए आप मुलेठी का इस्तेमाल कर सकते हैं। मुलेठी का फेसपैक बनाएं और अपने चेहरे पर लगाएं और फिर देखें मुलेठी का कमाल !!

पित्त से होने वाले कान के रोगों में फायदेमंद है मुलेठी :

अगर आपको कान से जुड़ी बीमारियां हैं तो मुलेठी का प्रयोग करके आप इन समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार मुलेठी और द्राक्षा से पकाए हुए दूध को कान में डालने से कान से जुड़ी समस्याओं में आराम मिलता है। इसकी विस्तृत जानकारी यहां पढ़ें : (HyperLink)

नाक के रोगों से आराम दिलाती है मुलेठी

अगर आपको नाक से जुड़ी समस्याएं हैं जैसे बंद नाक या सांस लेने में तकलीफ होना इत्यादि तो ऐसे में मुलेठी के इस्तेमाल से आप इन समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार मुलेठी, शुंठी, मिश्री और छोटी इलायची मिलाकर काढा बनाएं और इसकी एक से दो बूँद रोजाना नाक में डालें। ऐसा करने से कुछ ही दिनों में नाक के रोग ठीक जाते हैं।

मुंह के छालों से आराम दिलाती है मुलेठी :

गर्मियों का मौसम शुरु होते ही मुंह में छाले होने की समस्या से कई लोग पीड़ित रहते हैं। मुंह के छाले काफी दर्द देते हैं और जब तक ये ठीक नहीं हो जाते तब तक आप मसालेदार, तीखी चटपटी चीज नहीं खा सकते हैं। ऐसे में मुलठी आपकी मदद कर सकती है। मुंह के छाले दूर करने के लिए मुलेठी के छोटे टुकड़े में शहद मिलाकर उसे चूसने से छाले जल्दी ठीक होते हैं।

और पढ़े: मुंह के छालों मे गुड़हल का उपयोग

अब आप मुलेठी के फायदों के बारे में काफी कुछ जान चुके हैं। हमारी तरफ से आपको सिर्फ यह सुझाव है कि जब भी आप किसी समस्या के घरेलूं इलाज के लिए मुलेठी का सेवन शुरू करने जा रहे हों तो पहले एक बार डॉक्टर से परामर्श ज़रुर लें।

गोखरू के हैरान करदेने वाले लाजवाब फायदे | Gokhru ke Fayde

गोखरू, एक ऐसी जड़ी-बूटी जिसके फायदों के बारे में जितनी बात की जाय कम है। प्राचीन काल से ही ऋषि मुनि गोखरू के फायदे (gokhru ke fayde in hindi) के बारे में बताते रहे हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्दति में तो अनेकों बीमारियों के इलाज में गोखरू का प्रयोग किया जाता है। यौन समस्याओं के उपचार में तो गोखरू को बहुत ही प्रभावशाली माना गया है।

आयुर्वेद से संबंधित ग्रंथों में गोखरू के फायदों का कई जगह उल्लेख है। जिसके अनुसार यह ऐसी जड़ी बूटी है जो शरीर के तीनों दोषों (वात-पित्त-कफ) को संतुलित बनाये रखने में मदद करती है।

गोखरू के फायदे (gokhru ke fayde in hindi) :

आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार गोखरू, यौन रोगों, किडनी की पथरी एवं मूत्र संबंधी रोगों के इलाज में बहुत कारगर है। इसके अलावा भी गोखरू के कई लाजवाब फायदे हैं जिनके बारे में हम आपको आगे बता रहे हैं। आइये गोखरू के फायदों पर एक नज़र डालते हैं।

ज्वर या बुखार में गोखरू के फायदे :

बुखार होना एक आम समस्या है और आमतौर पर लोग बुखार होने पर कोई दवा लेकर तुरंत राहत पा लेते हैं। लेकिन यह ज़रुरी नहीं कि बुखार होने पर हर बार आप एलोपैथी दवाइयों का ही सेवन करें। आयुर्वेद की मानें तो ज्वर या बुखार में गोखरू काढ़ा पीने से बहुत जल्दी बुखार उतर जाता है।

जाने: जुकाम और बुखार के लिए घरेलू नुस्खे

वीर्य की गुणवत्ता में सुधार लाता है :

धातु दुर्बलता या वीर्य की गुणवत्ता में कमी होना भी एक रोग है और वर्तमान समय में कई लोग इस रोग से पीड़ित रहते हैं। धातु दुर्बलता के कारण बच्चे पैदा करने की क्षमता पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। गोखरू में ऐसे गुण पाए जाते हैं जिससे शुक्राणुओं की संख्या में वृद्धि होती है और वीर्य की गुणवत्ता में सुधार होता है। इसलिए अगर आपका ‘स्पर्म काउंट’ कम है तो चिकित्सक के परामर्श के आधार पर गोखरू का सेवन शुरु कर दें।

मूत्र संबंधी रोगों में गोखरू के फायदे :

यूटीआई के मरीजों की संख्या दिन प्रति दिन बढ़ती ही जा रही है। कई लोग तो पेशाब करते समय दर्द या जलन होने को बीमारी ही नहीं मानते हैं और अनदेखा करते चले जाते हैं। अगर आपको भी पेशाब करते समय दर्द या जलन होती है या पेशाब रुक रुक कर होती है तो इसे अनदेखा ना करें बल्कि गोखरू की मदद से इन समस्याओं से छुटकारा पाएं।

खुराक और सेवन के तरीके की जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।

घाव को ठीक करने में मदद :

अचानक कोई चोट लग जाए या कोई घाव हो जाए तो उसे ठीक करने के लिए भी आप गोखरू का इस्तेमाल कर सकते हैं। गोखरू में ऐसे गुण पाएं जाते हैं जो घाव को जल्दी ठीक करने और भरने में मदद करते हैं। इसके लिए गोखरू का काढ़ा बनाएं और घाव को इस काढ़े से धुलें।

नोट : अगर चोट ज्यादा गंभीर है या सिर में चोट लगी है तो घरेलू उपाय की बजाय सीधे डॉक्टर के पास जाएं।

पथरी दूर करने में सहायक है गोखरू :

आयुर्वेद के अनुसार गोखरू में मूत्रवर्धक गुण होते हैं। इसी गुण के कारण पथरी के इलाज में गोखरू का सेवन लाभदायक माता है। गोखरू चूर्ण को शहद के साथ सेवन करने से पथरी छोटे टुकड़ों में टूटकर पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाती है।

जाने: पथरी की समस्या मे मूली के फायदे

गोखरू कैसे खाएं :

अब आपको गोखरू के कई लाजवाब फायदे (gokhru ke fayde in hindi) पता चल गए हैं लेकिन सिर्फ फायदे जानकर क्या होगा अगर आपको खाने के तरीके ना पता हों। इसलिए हम आपको गोखरू से सेवन का तरीका बता रहे हैं।

गोखरू काढ़ा: गोखरू के सेवन के लिए सबसे ज्यादा गोखरू काढ़ा का ही उपयोग किया जाता है। गोखरू काढ़ा आप घर पर ही बना सकते हैं लेकिन बेहतर होगा कि किसी पेशेवर चिकित्सक से इसे बनाने की विधि सीख लें।

काढा के अलावा गोखरू चूर्ण का भी उपोग किया जा सकता है। आजकल बाज़ार में कई ब्रांड के गोखरू चूर्ण मिल रहे हैं। आप अपनी पसंद अनुसार उनमें से किसी का भी सेवन कर सकते हैं।